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गुड़हल के फूल पत्तियों के फायदे और नुकसान( gudhal ke phool ka upyog) गुड़हल के फूल को अड़हुल का फूल भी बोलते हैं। अधिकांशतः गुड़हल के फूल का इस्तेमाल पूजा-पाठ आदि कामों के लिए किया जाता है, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि गुड़हल के फूल का सेवन भी किया जाता है, और रोगों के इलाज में भी गुड़हल के फूल के फायदे मिलते हैं। ( gudhal ke phool ka upyog) ऐसे कई गुडहल के फूल हैं जो कि अलग-अलग रंगों में पाये जाते हैं जैसे, लाल, सफेद , गुलाबी, पीला और बैगनी आदि।गुडहल एक आम सा फूल है जो कि देखने में सुंदर होता है। यह सुंदर सा गुडहल का फूल स्वास्थ्य के खजाने से भरा पड़ा है। आयुर्वेद में गुड़हल के पेड़ को एक संपूर्ण रूप में औषधि के तौर पर दर्ज किया गया है। इसकी जड़ से लेकर फूल तक, हर एक चीज किसी न किसी बीमारी के लिए रामबाण है। गुड़हल का वैज्ञानिक नाम हिबिस्कस सब्दरिफा है। इसको हिबिस्कस फ्लावर के नाम से भी जाना जाता है। भगवान की पूजा में इस्तेमाल होने वाला ये फूल बालों के अलावा त्वचा और ओ रोजाना से जुड़ी अनेक परेशानियों व रोगों में भी फायदेमंद होता है।दवाओं में गुड़हल का बहुत उपयोग होता है और इससे क...
Mulethi ke fayde/मुलेठी के फायदे और नुकसान मुलेठी (Mulethi) एक गुणकारी जड़ी बूटी है। मुलेठी एक झाड़ीनुमा पेड़ होता है।मुलेठी एक लकड़ी की तरह दिखने वाला खाद्य पदार्थ है। असली मुलेठी अंदर से पीली, रेशेदार व हल्की गंध वाली होती है। इसकी ताजा जड़ मीठी होती है जो सूखने के बाद कुछ तिक्त और अम्ल के स्वाद की हो जाती है।यह एक लोकप्रिय मसाला है जो न केवल एक अच्छा स्वादिष्ट घटक के रूप में कार्य करता है बल्कि व्यापक चिकित्सा गुणों के कारण घरेलू उपचार में भी इस्तेमाल किया जाता है। मुलेठी स्वस्थ रखने के साथ-साथ कुछ शारीरिक समस्याओं से उबरने में भी मदद कर सकती है। मुलेठी कैल्शियम, ग्लिसराइजिक एसिड, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटीबायोटिक, प्रोटीन और वसा के गुणों से भरपूर होती है। ये वात, कफ, पित्त तीनों दोषों को शांत करके कई रोगों के उपचार में रामबाण का काम करती है। इसका प्रयोग नेत्र रोग, मुख रोग, कंठ रोग, उदर रोग, सांस विकार, हृदय रोग, घाव के उपचार के लिए सदियों से किया जा रहा है।यह विटामिन बी और विटामिन ई का अच्छा स्रोत है। यह स्वाद में चीनी से भी मीठी होती है, लेकिन सेहत के लिए इसकी मिठास भी गुणकारी...
गंजेपन के लक्षण, कारण बचाव व उपाय/(ganjepan ka gharelu upay) आज के दौर में प्रदूषण, तनाव और पौषक तत्वों की कमी से लोगों के समय से पहले बाल सफेद होने के अलावा बाल गायब होने यानि गंजेपन की शिकायत बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है। गंजेपन की समस्या पुरुषों में ज्यादा पाई जाती है। कई बार तो बेहद कम उम्र में ही कई पुरुषों के बाल बहुत अधिक झड़ने लगते है और धीरे-धीरे कुछ हिस्से के बाल पूरी तरह से गायब होने लगते है, तो कई बार पूरे सिर में ही गंजापन आ जाता है, परन्तु अब ये महिलाओं को भी होने लगा है। बूढ़ा हो या जवान गंजेपन की समस्या आम हो गई है। (ganjepan ka gharelu upay) गंजापन कई बार शर्मिंदगी का कारण बन जाता हैं। इसलिए लोग सिर पर बाल उगाने या उन्हें घना करने के लिए तरह-तरह के ट्रीटमेंट व तेल का इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन जब इनसे भी कुछ फायदा नजर नहीं आता तो दिक्कत और बढ़ जाती हैं। गंजापन की स्थिति में सिर के बाल बहुत कम रह जाते हैं। गंजापन की मात्रा कम या अधिक हो सकती है। गंजापन को एलोपेशिया भी कहते हैं। जब असामान्य रूप से बाल झड़ने लगते हैं और नये बाल उतनी तेजी से नहीं उग पाते या फिर ...
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